छत्तीसगढ़ महतारी के दुलरवा बेटा -शहीद विवेक शुक्ला


आशीष तिवारी आप की आवाज रायपुर
छत्तीसगढ़।अँधियारी रात भागे बर अपन बोड़िया बिस्तर समेट ले रहिस ,चिरई चुरगुन मन अपन खोंदरा ल निकल के डेना ल खुजियात चिं चिं करत रहय जेन ल सुनके अइसन लगत रहय जइसन राग बहार के सुग्घर गीत ।पूरब दिसा म सूरुज देवता आरती के थारी के जइसन जुगजुग ल दिखे बर धर ले रहिस । गरुवा अपन बछरू ल पूछी हलात मया भरे नजर म समात रहिस ,काछर ल देखे ल लगत रहिस जइसन अमरित के धार बहनेच वाला हे । छत्तीसगढ़ महतारी सुग्घर हरियर बिछौना बिछाके अपन दुलरवा बेटा मन के थके हारे ला बिसराय के जुगाड़ करत रहय ।समय घरी अइसन लगत रहय जइसन कोई तेजपुरुष के अवतारी के समय के सुग्घर बेरा आ गिस हे ।अइसन सुग्घर बेरा ,सोमवार कस शुभ दिन ,सावन महिना कस पावन मास ,तिथि प्रतिपदा, दिनाँक 11/08/1980 मा, गाँव सरसींवा ,तहसील बिलाईगढ़ ,जिला बलौदाबाजार के ददा श्री जय प्रसाद शुक्ला के घर ,दाई श्री मती कुसुम शुक्ला के ओदर ले ,बिहिनिया 5 बजतीहि एक झन लाल के जनम होईस।
दिखे म सुग्घर खीरा कस लोलवा,दूध कस ओग्गर,माथा म सुरुज कस तेज अपन बड़खा बेटा ल देख के घर के लोगन के संगे संग आस पास के लोगन मन के खुशी के ठिकाना नइ रहिस। ददा तुरते तुरत महराज ल बलाके पोथी पत्तर देखवा के नाम जँचवाइस । जेकर घड़ी बेरा देख के नाम रखे गिस …विवेक शुक्ला ।
जस नाम तस गुन के हिसाब से लइका दिनों दिन बढ़े लगिस। 6 बरस के होत ददा दाई मन गाँव के सरकारी प्राथमिक स्कूल म भर्ती कर दींन। होनहार बिरवान के होत चिकने पात ल सहरात लइकई उमर के खेल मा बंदूक के खेल खेलय ,जेमा ओमन पुलिस के रोल निभाय अउ चोर बदमाश मन ल मजा चखाय । खेल खेल मा ही ऊँखर मन मा आगू जाके देश भक्ति के गंगा बहे लगिस।लइका अपन नाम के गुन ल धरके होशियार निकलीस अउ कक्षा 6वीं बर नवोदय विद्यालय माना रायपुर म आगू के पढ़ाई बर चयन होगिस । पढ़ाई के संगे संग खेल कूद ल अपन सौंक बनाइस।12 वीं तक के पढाई विवेक शुक्ला के नवोदय विद्यालय मा होईस ,जिंहा अव्वल नंबर ले पास होके सबो झिन के मान रखिस।।
कालेज के पढ़ाई बर विवेक जी बिलासपुर के डी.पी.विप्र कालेज मा भर्ती हो गिन।जिँहा विज्ञान विषय मा स्नातक के डिग्री ले के स्नातकोत्तर के पढा़ई बर सी.एम.डी. कालेज बिलासपुर म भर्ती हो गिंन। जिँहा आय दिन अखबार ,अउ टी.वी.म अपन राज छत्तीसगढ़ के नक्सली हमला के बारे मा पढ़ के ऊँखर मन पुलिस सेवा मा जाय बर व्याकुल हो जात रहय । लइकइ के देखे सपना ल अब पूरा करे के समय जान के एस आई के तैयारी करे बर तन मन से जुड़ गे। उही समय केन्द्रीय रिजर्व सुरक्षा बल के उप निरिक्षक पद बर प्रयास कर के साक्षात्कार तक पहुंच गिन। लेकिन विवेक जी हार नइ मानिस ,छत्तीसगढ़ महतारी के सेवा करे के लहर हिलोर मारत रहय ।वो पुलिस विभाग म जाय के जिद मा अड़ गिस ।
ठीक उही समय मा पुलिस उपनिरीक्षक के भर्ती परीक्षा होईस ।परीक्षा मा विवेक जी घलो बइठिस अउ पास होगे । ओखर खुशी के ठिकाना नइ रहिस । 1/9/2008 मा ऊँखर नियुक्ति होईस। चँदखुरी ट्रेनिंग सेंटर मा ट्रेनिंग पूरा करे के बाद ऊँखर पोस्टिंग दँतेवाड़ा के नक्सली ईलाका में करे गिस । दँतेवाड़ा मा जाते जात अपन थाना क्षेत्र के देख रेख मा कोई कसर नइ छोड़िस। नक्सली मन थरथर काँपे लागिस। अपन सुझबुझ ले कई ठन बम ल निष्क्रिय करे अउ नवा नवा रणनीति बना के नक्सली मन के मनसुबा मा पानी फेर दिस। गाँव गाँव घुमके लोगन मन के मन मा आशा ,विश्वास अउ सुरक्षा के दिया जगमगाइस। बहुतेच कम समय मा बड़े बड़े साहेब मन के मन जीत लिस । साहेब मन अब धीरे धीरे बड़े बड़े काम ल सौंपत गिन जेन ला विवेक जी पूरा करे बर तन मन से जुड़ जाय।। ददा दाई के संग घर वाला मन जब बिहाव के बात करे त विवेक बोले कि मैं बिहाव वर्दी के संग कर दाँरे हँव ,अब मोर जीना मरना ओखरे संग हे । रिश्ता नाता मन के बहुत मनाय मा बिहाव बर अपन राजी होईस। 23/11/2010के बिलासपुर के रीमा शुक्ला जइसन गुणवंतीन जी से ऊँखर सात भाँवर पड़ गिस । दू बछर बाद सुग्घर से एक ठन फूल ऊँखर अँगना मा खिलीस ,जेकर नाम राखे गिस श्रृजन। उही समय ऊँखर ट्रांसफर कुआंकोंडा होगे ।जिँहा घटाटोप जँगल के बीच नक्सली मन के घाट रहय। जिँहा आय दिन नक्सली अउ पुलिस के बीच गोली बारी होते रहय । नक्सली मन घात लगा के बम लगाय जेन ला पता चलत ही विवेक जी जा के डिस्पोज कर दँय। ऊँखर सपना रहिन की छत्तीसगढ़ से नक्सली मन ला खेदे के अउ ऊँहा बिजली, पानी ,शिक्षा अउ सड़क जइसन जीवन के आवश्यक साधन मन ला लोगन तक पहुंचाय के। जेखर खातिर पूरा क्षेत्र के आदिवासी भाई मन करा अच्छा पकड़ बना ले रहिस। गाँव वाला मन ही नक्सली मन के खबर ऊँखर तक पहुंचाय। 15/08/2013 म बेस्ट नक्सली उन्मूलन एवार्ड से राज्य सरकार द्वारा सम्मानित करे गिस ।नक्सली मन के लगभग 100 बम ला डिस्पोज करके नक्सली मन के जरी ला वो क्षेत्र मा खोखला कर दे रहिस। उही बीच दूसर लइका सार्थक के जनम के खबर पाके एक महिना के छुट्टी ले के घर परिवार के सँग समय बिताय बर घर आगे ।उही बीच ऊँखर लोगन मन के बीच संपर्क टूट गे ।जब छुट्टी पूरा कर के ड्यूटी बर जाय बर धरिस त ददा -दाई, भाई -वैभव शुक्ला,बहिनी सँग घर गोसाईन कहिस कि कुछ दिन अउ रुक जातेव । विवेक जी बोलिन की आप मन से जादा मोर ऊँहा जरूरत हावय।अउ 19फरवरी के अपन कर्मस्थली बर निकल गिन । जिला दँतेवाड़ा मा नक्सली मन के दक्षिण बस्तर डिविजन ओ समय बहुत जादा सक्रिय रहिस।चिंतागुफा, भेजी ,किस्टाराम, जंगरगुड़ा के बीच नक्सली मन भारी उपद्रव मतात रहे। सरकार के विकास काम मा बाधा पहुंचाय बर सड़क बनन नइ देत रहय। इसकुल म जा के इसकुल बंद करवा देवय। पुलिस अउ सी आर पी एफ के सिपाही मन संग आय दिन मुठभेड़ होवत रहय। जेमा हमर सिपाही भाई मन कतको शहीद हो जात रहिन। 27/02/2014 दिन गुरुवार के महाशिवरात्रि के दिन भगवान भोले शंकर मंदिर मा जाके विवेक जी छत्तीसगढ़ दाई अउ लोगन मन के भलाई माँगत पूजा करके थाना आ गिन। रात के घर मा फोन लगाके सब्बो झन के हाल चाल जानत सोए बर चल दिन। 28/02/2014 शुक्रवार फागुन महिना के चतुर्दशी के सुत बिहनिया उठ के अपन ड्यूटी जाय बर तैयार होत रहिन उही समय मा सिपाही मन ले खबर मिलीस कि सड़क बनत हवय ओ जगा नक्सली मन के हलचल हवय। श्यामागीर पहाड़ी जगा जिँहा सड़क बनत रहिस तेन जगा सड़क बनाय मा लगे मजदूर अउ सुरक्षा म लगे सिपाही मन के चिंता सताय लगिस।सुनके विवेक जी मातहत कर्मचारी मन ला आदेश नइ दे के संग मा नक्सली मन के बीच फँसे अपन साथी मन के सुरक्षा बर मोटर साइकिल ले के खुदे संग हो गिस। नक्सली मन के ए हर तो विवेक जी ला फँसाय के चाल रहिस तेन ल विवेक जी समझ नइ पाइस। कुआंकोंडा के थाना ल थोरिक दूर श्यामागीर पहाड़ मा पहुंचत की चारो मुंड़ा ला नक्सली मन अंधाधुंन गोली बारी करे लगिस।अपन जवान साथी के संग विवेक जी मन घलो मोर्चा संभाल लिन ।दूनों अंग ल दनादन गोली चलत रहय ।इमन तो गिनती मा आठ झन रहय फेर नक्सली मन तो 100 ला आगर । नक्सली मन घात लगाके गोली चलात रहय । विवेक जी समझ गे कि हमन ला एमन घेर दारे हे , सँगवारी सिपाही मन विवेक जी ला कहे लगिन की साहेब आप मन वापिस जाके तीर मा बी एस एफ कैंप ला खबर कर दव और वापिस लौट जावव , हमन नक्सली मन तीर जवाब देत हँन । विवेक जी बोलिन की ये कभी नइ हो सकय ,मैं आप मन ला मौत के मुँह मा छोड़ के नइ जा सकँव। मोर रहत ला आप मन चिंता झन करव । उही समय एक गोली बनबन ले आ के सँगवारी सिपाही ला लगिस ।देख के विवेक जी सुरक्षा कवर देहे बर ऊँखर संग हो गिस । दूनों तरफ ला फेर गोली बारी जोर पकड़ लिस । पूरा जंगल मा गोली के आवाज गूँजे लगिस। विवेक जी अपन सँगवारी मन के सँग भीतर घूसते गिस , नक्सली मन पिछू घूँचते गिस। ए गोली बारी के जानकारी दँतेवाड़ा पुलिस ला लगिस ता ऊँहा से भी सुरक्षा दल जंगल के भीतर गिस।ऊमन के मुठभेड़ के जगा ला पहुंचत गोली बारी शाँत हो गे रहिस। घटना जगा बहुत बड़े अनहोनी के कहानी कहत रहय। नक्सली के संग मुठभेड़ मा विवेक जी अपन चार सँगवारी के संग छत्तीसगढ़ महतारी के सेवा करत छत्तीसगढ़ महतारी के गोदी मा सब दिन बर सुत गे रहय। संगे संग तीन सिपाही घायल अवस्था मा रहय। जउन ला दँतेवाड़ा चिकित्सालय ले रायपुर भेजे गिस। विवेक जी के संग सँगवारी मन के शहीद के आरो हर जंगल मा लगे आगी के जइसन चारों मुँड़ा फइल गिस।दाई -ददा ,भाई-बहिनी, जीवन -मरण भर के सँगे सँगवारी ला कोन सम्हालथिस। दाई ददा के बुढ़ापा के लाठी टूट गे,भाई के बाँहा ऊखड़ गे ,सँगे सँग जेकर सँग जीना मरना के कसम खाय रहिस वो टूट गे ,लइका मन के मुँड़ ऊपर ला छाँव करइया पेड़ डूँगल गे । अइसन लगत रहय कि ये फागुन के महिना हर जीवन ला बेरंग कर दिस। दूसर दिन 01/03/2014 के 10बजे छत्तीसगढ़ महतारी के दुलरवा बेटा तिरंगा मा लिपट के अपन घर आइस। चारो मुँड़ा के मनखे मन अपन के बेटा के आखिरी दर्शन करे बर ऊमड़ गे । बेटा ला तिरंगा म लपटाय देख के ददा दाई के छाती गरब म तनिया गे । कहे लगिस बेटा तँय हमर मान रखे। महतारी अपन ओदर अउ दूध ऊपर गरब करके कहिस बेटा मोला तोर महतारी होय मा गरब हे। दूध आज मोर गंगा जल कर देहे रे। भाई कहे लगिस भइया आज तोला देख के मोर भुजा मा बल आगे । बहिनी कहे लगिस भाई मोर रक्षा बंधन के लाज रखे हस । घर गोसानिन तो फफकत कहे लगिस कि मोर जीवन तुँहर संग जुड़ के धन्य होगे । तुँहर नाम के सिंदूर तिरंगा मा लिपट के अमर होगे । बड़े बेटा कहे लगिस पापा मँय भी तोर कस पुलिस मा जाहूं अउ छत्तीसगढ़ महतारी के सेवा करहूँ।सँग सँगवरी के सँगे सँँग गाँव के सब्बो झन के आँखी मा आँसू तो दिखत रहिस फेर गरब से छाती तनियाय रहिस । क्षेत्र के विधायक श्री सनम जाँगड़े जी ,पुलिस अधिक्षक ए.एम.जुरी जी,अतिरिक्त पुलिस अधिक्षक बी.पी. भानु जी,एस डी ओ पी श्री ख्वाजा जी,एस डी एम श्री मोटवानी जी, अउ पूरा जिला के थाना मन के थाना प्रभारी संंग हजारों के सँख्या मा गाव के आसपास के लोगन के बीच ,मँझनिया 12 बजे अंतिम सलामी देत विवेक जी के अंतिम संस्कार करे गिस। भाई वैभव शुक्ला मुखाग्नि दिस।33 बछर के कच्चा उमर मा छत्तीसगढ़ महतारी के दुलरवा बेटा महतारी के गोदी मा सब दिन बर सुत गिस। छत्तीसगढ़ शासन शहीद विवेक शुक्ला जी के सुरता मा सरसींवा के शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सरसींवा के नाम ला बदल के शहीद विवेक शुक्ला शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रखे गिस।सरसींवा के थाना परिसर मा एक ठन सुग्घर मूर्ति भी रखे गे हे ।जउन मा रोज पुलिस वाला मन फूल माला चढ़ा के पूजा करके अपन ड्यूटी के शुरुआत करथें।अइसन छत्तीसगढ़ महतारी के दुलरवा बेटा-शहीद विवेक शुक्ला जी ल शत् शत् नमन्।

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